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नेत्र रोग का अचूक उपाय The perfect remedy for eye disease

नेत्र रोग का अचूक उपाय The perfect remedy for eye disease  **चाक्षुषोपनिषद** (जिसे **चाक्षुषी विद्या** भी कहा जाता है) कृष्ण यजुर्वेद से संबंधित एक अत्यंत चमत्कारी और प्रभावशाली स्तोत्र है। मान्यता है कि इसका नियमित पाठ करने से आँखों की रोशनी बढ़ती है, नेत्र रोग दूर होते हैं और चश्मे का नंबर भी कम हो सकता है। यहाँ शुद्ध चाक्षुषोपनिषद का पाठ (अर्थ सहित) दिया जा रहा है: ### **॥ चाक्षुषोपनिषद् ॥** **विनियोग:** > **अस्य श्रीचाक्षुषीविद्यायाः अहिर्बुध्न्य ऋषिः, गायत्री छन्दः, सूर्यो देवता, ॐ बीजं, नमः शक्तिः, स्वाहा कीलकं, चक्षूरोगनिवृत्तये जपे विनियोगः ॥** >  **(ऋषि, छंद और देवता का स्मरण करके हाथ में जल छोड़कर विनियोग करें।)** ### **मुख्य पाठ (मंत्र)** > **ॐ चक्षुः चक्षुः चक्षुतेजः स्थिstableरो भव, मां पाहि पाहि।** > **त्वरितं चक्षूरोगान् शमय शमय।** > **मम जातरूपं तेजो दर्शय दर्शय।** > **यथाऽहं अन्धो न स्यां तथा कुरु कुरु।** > **कल्याणं कुरु कुरु, यानि मम पूर्वजन्मार्जितानि** > **चक्षुःप्रतिबन्धकपापानि तानि सर्वाणि निर्मूलय निर्मूलय ॥** >  > **ॐ...

ज्येष्ठा नक्षत्र गण्डमूल शांति विधि Jayeshtha Nakshatra GandMool Shanti Vidhi

 ज्येष्ठा नक्षत्र गण्डमूल शांति  विधि  Jayeshtha Nakshatra GandMool Shanti Vidhi  🌺 गण्डमूल शांति विधि – संपूर्ण विवरण 1. पूर्व तैयारी घर को स्वच्छ करें, पूजा का स्थान पूर्व दिशा या उत्तर दिशा की ओर रखें। कलश स्थापित करें (जल, आम के पत्ते, नारियल रखें)। बालिका को स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाएँ। --- 2. पूजन सामग्री (हवन व शांति हेतु) 1. कलश, नारियल, आम के पत्ते 2. अक्षत (चावल) 3. फूल, माला 4. रोली, हल्दी, चंदन 5. दूर्वा (यदि संभव हो) 6. पंचमेवा (काजू, बादाम, किशमिश, छुहारा, नारियल) 7. पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) 8. गंगाजल 9. धूप, दीप, घी 10. हवन कुंड, लकड़ियाँ (आम/पीपल/बरगद की), समिधा 11. हवन सामग्री (गूगल, लोबान, जौ, तिल, चावल) 12. फल, मिठाई, शक्कर 13. वस्त्र (ब्राह्मण दान हेतु) 14. दक्षिणा --- 3. मुख्य पूजन क्रम 1. संकल्प – पंडितजी संकल्प लें कि फलानी बालिका के जन्म नक्षत्र शांति हेतु यह गण्डमूल पूजा संपन्न की जा रही है। 2. गणेश पूजन – विघ्ननाश के लिए। 3. गौरी-गणेश, नवग्रह, कुलदेवता पूजन। 4. जन्म नक्षत्र शांति – बालिका के नाम और जन्म विवरण से ज्येष्ठा नक्षत्र...

केतु उपाय (Ketu Remedy)

                      केतु उपाय (Ketu Remedy)     (1) पूजन- 1. केतु के आराध्य देव गणेश जी की आराधना करें,  लड्डू का भोग लगाकर 2. निम्न मंत्र का जाप 108 बार प्रतिदिन करें- ॐ गलूम् गणेशाय नमः          अथवा   ॐ कें केतवे नमः।              (2) दान-   पूजा कर निम्न वस्तुएं गुरुवार को दान दें।  संभव हो तो यह दान जवान जरूरत मंद पुरुष को दें। 1. उड़द (काली) दान 2. तिल/ तिल तेल  3. कंबल  4. लौह         (3) अन्य टोटके-   कुत्ते को खाना खिलाएं।  चींटी को खाना दें। 

राहु उपाय (Rahu Remedy)

                    राहु उपाय (Rahu Remedy)      (1) पूजन- 1. राहु के आराध्य देव भैरव जी की आराधना करें, उन्हें गुड़ और बेसन का भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करें। अंत मे कुत्ते को खाने के लिए दें।  2. निम्न मंत्र का जाप 108 बार प्रतिदिन करें- ॐ छ्रां छ्रीं छ्रौं सः राहुवे नमः।                 अथवा   ॐ रां राहवे नमः।   3. हनुमान जी के बजरंग बाण/ संकटमोचन का पाठ करें।             (2) दान-  भैरव जी की पूजा कर निम्न वस्तुएं शनिवार को दान दें।  संभव हो तो यह दान कुष्ट रोगी हो दें।  1. उड़द (काली) दान 2. तिल/ तिल तेल  3. नीला वस्त्र         (3) अन्य टोटके-   मछली/ चींटी को खाना दें।  शनिवार को देवस्थान की सेवा/ सफाई करें।  

शनि उपाय (Saturn Remedy)

                शनि उपाय (Saturn Remedy)      1) दान-  *ज्येष्ठ शनिवार के दिन काला वस्त्र सवा मीटर, काली दाल सवा किलो, सरसो तेल, लोहा।      2) पूजन-  • शिवजी के भैरव रूप की आराधना करें।  *हनुमान चालीसा का पाठ। *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष को जल चढ़ाएं।         ॐ शं शानिश्चराय नमः मंत्र का यथाशक्ति जाप।  *भोजन का प्रथम ग्रास गाय को खिलाएं। अथवा  • सरसो के तेल से चुपड़ी रोटी काले कुत्ते को डालें।  • शनिवार को देवस्थान की सेवा/  सफाई करें। 

शुक्र उपाय (Venus Remedy)

                 शुक्र उपाय (Venus Remedy) शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुएं का दान दें -  चीनी, विविध रंग वाला वस्त्र।  शाम को जरूरतमंद युवती को दान दें।   ॐ द्रां द्रीं द्रौम् सः शुक्राय नमः। ॐ शुं शुक्राय नमः।   महिला / गरीब संस्था को दान दें या सहयोग दें।  अपने भोजन में से प्रथम ग्रास गाय को खिलाएं।  लक्ष्मी जी की आराधना करें।  गाय को चारा खिलाएं। 

गुरु उपाय (Jupiter Remedy)

 गुरु उपाय (Jupiter Remedy)- सूर्यादि पंच देवता का पूजन कर ब्रह्मा विष्णु तथा इंद्र की पूजा करें। ॐ बृं बृहस्पतये नमः।  ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों सः गुरुवे नमः। दान  हल्दी, पीला वस्त्र, शक्कर/गुड , शहद, पीला अन्न, लवण,  पुस्तकें, किसी ब्राह्मण को दान दें।  पीपल में जल दें। विष्णु की पू जा करें।